शीर्षक:
कर्मविपाक अर्थात् कर्मग्रन्थ
प्रवेश संख्या:
K18228
प्रकाशन का वर्ष:
2008
श्रेणी:
लेखक:
देवेन्द्रसूरि
पुस्तक संख्या:
DEV
:
कॉरर्पोरेट लेखक:
डीडीसी कक्षा संख्या:
181.044
संस्करण:
1st rep. ed.
संपादक:
जैन, सागरमल
आईएसबीनो:
8186715916
भाषा:
संस्कृत-हिन्दी
मुख्य विषय:
Philosophy,Jaina.
प्रकाशक का नाम:
पार्श्वनाथ विद्यापीठ
टिप्पणियाँ:
including index, appendix
पृष्ठ सं:
16, xxxiv, 274p.
प्रकाशन का स्थान:
वाराणसी
कीमत:
400/-
श्रृंखला:
पार्श्वनाथ विद्यापीठ ग्रन्थमाला स-156
आकार:
एसओआर:
देवेन्द्रसूरि संपादक सागरमल जैन अनुवादक सुखलालजी संघवी
उपशीर्षक:
अनुवादक:
संघवी, सुखलालजी
वॉल्यूम।:
pt.1,2,3